मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में किसानों, स्वास्थ्य क्षेत्र और सतत विकास लक्ष्यों (SDG) से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
अलीपुरा सहकारी समिति में बचत बैंक से लगभग एक करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आया है। चार महीने बीतने के बावजूद दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है और खाताधारक अपने पैसों के लिए समिति और अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
रीवा, सतना, सीधी और सिंगरौली जिलों में किसानों को खरीफ सीजन में खाद संकट का सामना करना पड़ रहा है। सहकारी बैंक द्वारा मार्कफेड की 10 करोड़ रुपये की राशि नहीं लौटाए जाने से खाद वितरण पर असर पड़ा है। यूरिया और डीएपी की डिमांड भेजी गई है, लेकिन रैक लोडिंग में देरी किसानों की मुश्किलें बढ़ा रही है।
सीधी और सिंगरौली के सहकारी बैंकों में ट्रैक्टर फाइनेंसिंग के नाम पर करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आया है। आदिवासियों के नाम पर फर्जी ऋण निकालकर ट्रैक्टर एजेंसियों व बैंक कर्मियों ने सुनियोजित धोखाधड़ी की। जांच टीमें गठित तो हुईं, लेकिन कार्रवाई फाइलों तक सीमित रह गई।
















